सोमवार, 21 दिसंबर 2015

21 दिसंबर का इतिहास

आज यानी की 21 दिसंबर का इतिहास बहुत ही महत्व्पूर्ण है आइये देखते है क्यू-
आज महावीर प्रसाद द्विवेदी जी का पुण्यतिथि है एक झलक उनकी एक कविता के ऊपर डाल लेते है फिर आगे बढ़ते है।×

जै जै प्यारे देश हमारे
तीन लोक में सबसे न्यारे ।
हिमगिरी-मुकुट मनोहर धारे
जै जै सुभग सुवेश ।। जै जै... ।।

हम बुलबुल तू गुल है प्यारा
तू सुम्बुल,  तू देश हमारा ।
हमने तन-मन तुझ पर वारा
तेज पुंज-विशेष ।। जै जै ... ।।

तुझ पर हम निसार हो जावें
तेरी रज हम शीश चढ़ावें ।
जगत पिता से यही मनावें
होवे तू देशेश ।। जै जै... ।।

जै जै हे देशों के स्वामी
नामवरों में भी हे नामी ।
हे प्रणम्य तुझको प्रणमामी
जीते रहो हमेश ।। जै जै... ।।

आँख अगर कोई दिखलावे
उसका दर्प-दलन हो जावे ।
फल अपने कर्मों का पावे
बने नामनि शेष ।। जै जै... ।।

बल दो हमें ऐक्य सिखलाओ
सँभलो देश होश में आवो ।
मातृभूमि-सौभाग्य बढ़ाओ
मेटो सकल कलेश ।। जै जै... ।।

हिन्दू मुसल्मान ईसाई
यश गावें सब भाई-भाई ।
सब के सब तेरे शैदाई
फूलो-फलो स्वदेश ।। जै जै... ।।

इष्टदेव आधार हमारे
तुम्हीं गले के हार हमारे ।
भुक्ति-मुक्ति के द्वार हमारे
जै जै जै जै देश ।। जै जै... ।।

आइये कुछ और-

1991 - कज़ाकिस्तान की राजधानी अल्मा अता में 11 सोवियत गणराज्यों द्वारा राष्ट्रमंडल का गठन।

1998 - नेपाली प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला का इस्तीफ़ा।

2002 - ब्रिटेन ने धमकी के बाद बोगोटा का दूतावास बंद किया।

2007 - चीन के दक्षिणी यूनैन प्रान्त के कुनमिंग मिलिट्री एकेडमी में भारत व चीन के बीच पहला साझा अभ्यास शुरू।

2008- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व बॉलीवुड स्टार शाहरुख ख़ान को अमेरिका पत्रिका न्यूज बीक ने दुनिया के 50 शक्तिशाली लोगों की सूची में शामिल किया।

आज के दिन जिन महानुभाओं का जन्म हुआ आइये देखते है एक नजर में।
1932 - यू. आर. अनंतमूर्ति, कन्नड़ भाषा के प्रसिद्ध रचनाकार

1891 - ठाकुर प्यारेलाल सिंह - छत्तीसगढ़ में 'श्रमिक आन्दोलन' के सूत्रधार तथा 'सहकारिता आन्दोलन' के प्रणेता।

1881 - सुन्दरलाल शर्मा - बहुमुखी प्रतिभा के धनी, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत तथा छत्तीसगढ़ राज्य में जन जागरणकर्ता थे।

आइये अब देखते है आज जिनका पुण्यतिथि है एक नजर में।

1938 - महावीर प्रसाद द्विवेदी, हिन्दी गद्य साहित्य के महान साहित्यकार, पत्रकार एवं युगविधायक

2007 - तेजी बच्चन - भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की माँ।

और अंत में जय बाबा भोले नाथ का नाम लेकर एक बार द्विवेदी जी को वापस याद करते हुए बिनम्र श्रधांजलि अर्पित करते है कुछ इस तरह।

जब जब तू मुझे याद आता है,
तब तब मणि का दिल घबराता है ।
आँख में आँसू यू बरसाती है,
रोते रोते यू ही थक जाती है ॥

तुझसे जो आराम मिला है,
दिल पर उसका नक्श हुआ है ।
उसे याद कर मैं रोता हूँ,
रो रोकर आँखे धोता हूँ ।।

कच्चा घर जो छोटा-सा था,
पक्के महलो से अच्छा था ।
पेड़ नीम का दरवाज़े पर,
सायबान से था वह बेहतर ।।

जय हो बाबा फरसा वाले

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