माननीय अदम गोंडवी जी की लिखी हुई पक्तियों को आगे बढ़ाते हुए।
काजू भरे पलेट में , व्हिस्की गिलास में ।
उतरा है राम राज विधायक जी के निवास में ।।
इनके पास न कोई काम काज,
ये है दुश्मन अनाज के,
अंगूरी भाभी की तरह सही पकडे है भइया,
उतरा है राम राज्य नेता जी के निवास पे,।।
जब आता है चुनाव खासकर यूपी बिहार में,
तब तब नेताओ का भरमार लगता है राम लला के राज्य में,।।
सब भूल जाते है बहुमत सिर्फ जितने की चाह में,।।।
उतरा है राम राज्य बिधायक जी के निवास पे।V
जितने के बाद की कहानी-
बहुमत कहा है राज्यसभा में, हम भूले नहीं राम को,
लोक अदालत फैसला देगी वो सर्वमान्य है,
उत्तराखंड का फैसला दुइ दिन में आता है,
आतंकी अफजल के लिए रात चार बजे तक कोर्ट खुल जाता है,
कहे सुरसरि मणि भैया अब राम जी है त्रिपाल में,
उतरा है राम राज्य बिधायक जी के निवास पे,
बदल गया देश, बदली है राजनीती यहाँ,
न जाने कितने आये,
न जाने कितने आएंगे यहाँ,।
लेकिन अब बाबा का निवास है त्रिपाल में,
उतर गया है राम राज्य नेता जी के निवास में।।
किसी को कहते सुना था,
कुर्सी प्यारी नहीं राम से प्यार है,
बन गए वो भैया र से राज्यपाल है,
सही पकडे है भइया..........
उतरा है राम राज्य बिधायक जी के निवास पे।।
भोली है जनता, भोले की सरकार है,
नेता जी मिला रहे है रम विह्स्की गिलास में,
उतरा है राम राज्य बिधायक जी के निवास पे।।
जय हो बाबा फरसा वाले🚩🙏🏽👆🏽🙏🏽🚩🙏🏽
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