रविवार, 27 सितंबर 2015

27 सितम्बर का इतिहास भगत सिंह स्पेसल

अमर शहीद सरदार भगतसिंह का जन्म- 27 सितंबर, 1907 ई., लायलपुर, पंजाब, मृत्यु- 23 मार्च, 1931 लाहौर, पंजाब में हुआ। इनका नाम विश्व में 20वीं शताब्दी के अमर शहीदों में बहुत ऊँचा है। भगतसिंह ने देश की आज़ादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया, वह आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श है। भगतसिंह अपने देश के लिये ही जीये और उसी के लिए शहीद भी हो गये।

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में लिखा है –
👉भगतसिंह एक प्रतीक बन गया । साण्डर्स के कत्ल का कार्य तो भुला दिया गया लेकिन चिह्न शेष बना रहा और कुछ ही माह में पंजाब का प्रत्येक गांव और नगर तथा बहुत कुछ उत्तरी भारत उसके नाम से गूंज उठा । उसके बारे में बहुत से गीतों की रचना हुई और इस प्रकार उसे जो लोकप्रियता प्राप्त हुई । वह आश्चर्यचकित कर देने वाली थी।

और आज की दूसरी सबसे महत्व्पूर्ण दिन👉 आज विश्व पर्यटन दिवस है, 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप  में चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है। विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और उसके सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जागरूक करना है। विश्व पर्यटन दिवस का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटन के द्वारा अपने देश की आय को बढ़ाना है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक राष्ट्र को मेज़बान राष्ट्र घोषित किया जाता है जो कि जीवोग्राफिकल आर्डर पर होता है। विश्व पर्यटन दिवस का मेज़बान 2006 में यूरो, 2007 में दक्षिण एशिया, 2008 में अमेरिका और 2009 में अफ़्रीका को बनाया गया था। इस तरह पूरे विश्व के देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। जिनमें सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यक्रम शामिल हैं।

अब एक नजर आज के इतिहास के ऊपर👉1995 - बोस्निया में संघर्षरत तीन दलों के मध्य अमेरिकी मध्यस्थता में समझौता सम्पन्न।
1996 - अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान द्वारा क़ाबुल पर अधिकार, पूर्व राष्ट्रपति नजीबुल्लाह एवं उनके भाई को सरेआम फ़ांसी।
1998 - जर्मनी में सम्पन्न हुए चुनाव में गेरहार्ड श्रोयडर ने हेल्मट कोल को हराकर नये चांसलर बने।
2000 - वेनेजुएला की राजधानी काराकस में ओपेक देशों का शिखर सम्मेलन शुरू।
2002 - न्यूयार्क में विश्व बैंक व आइएमएफ़ की वार्षिक बैठक शुरू।
2003 - ध्वनि से भी अधिक तेज़ गति से उड़ने वाले ब्रिटिश एयर के कांकर्ड विमान ने न्यूयार्क से लंदन के लिए आखिरी उड़ान भरी।
2005 - बिल गेट्स लगातार ग्यारहवें साल दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति बने।
2007 - पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए परचा भरा।
2009 - भारत-पाक के विदेश मंत्रियों की बातचीत शुरू हुई।
आज जिन व्यक्तियो का जन्मदिन है वो इतिहास में सुनहरे अक्षरो में लिखे जायेंगे क्यू की आज ही हमारे देश के रत्न भगत सिंह का जन्मदिन है।
1848 - राधानाथ रायका जन्म हुआ - उड़िया भाषा और साहित्य के प्रमुख कवि।

1871 - आज ही विट्ठलभाई पटेल का जन्मदिन है जो सरदार पटेल के बड़े भाई एवं प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी थे।

1932 - यश चोपड़ा, भारतीय सिनेमा को रूह से रूह तक मिलाने वाले इस व्यक्ति को आज लाखो लोग इनकी कहानी से याद करते है, आज इनका भी जन्मदिन है।

1953 - माता अमृतानंदमयी, का भी जन्म आज ही के दिन हुआ,ये भारतीय, धार्मिक नेता।

1981 - लक्ष्मीपति बालाजी, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी का जन्म हुआ।
9⃣3⃣2⃣4⃣8⃣9⃣4⃣6⃣0⃣8⃣
एक खास बात ये मेरा व्हाट्स एप्प नंबर है जिन व्यक्तियो को इतिहास से सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहिए, जरूर संपर्क करे।और प्रेम से बोलते रहिये जय बाबा फरसा वाले।

आज 27 सितंबर को जिन महानुभाओं का पुण्यतिथि है, आइये एक झलक इसे भी देखते है।

👉1833 - राजा राममोहन राय - समाज सुधारक।
1972 - रंगनाथन, एस. आर. - विख्यात पुस्तकालाध्यक्ष और शिक्षाशास्त्री।
2004 - शोभा गुर्टू - प्रसिद्ध भारतीय ठुमरी गायिका
2008 - महेन्द्र कपूर, हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध पार्श्वगायक।
और अंत में कुछ भिन्न शब्दों के द्वारा लेख को आगे बढ़ाते हुए ये कहना जरुरी है की आज पंजाब की धरती से दो लाल इतिहास के पन्नों में अमर है, एक माँ भारती के लाल भगत सिंह जो देश के लिए जिए और देश के लिए प्राणों की बाजी लगा दी,
👉और दूसरा देशभक्ति गीतों को गाने वाले महान गायक महेन्द्र कपूर
इनका जन्म 9 जनवरी 1934- और मृतु 27 सितंबर 2008 को हुआ।
आइये महेंद्र जी के गए हुए कुछ गीतों का झलक एक नजर में जरूर देखते है,।
👉है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ।
👉मेरे देश की धरती, सोना उगले, उगले हीरे मोती

बैलों के गले में जब घुँगरू, जीवन का राग सुनाते हैं
गम कोस दूर हो जाता है, खुशियों के कंवल मुसकाते हैं
सुन के रहट की आवाज़े यूँ लगे कही शहनाई बजे
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे।
👉अब प्रेम से बोलिये जय बाबा भोले नाथ और गाते रहिये अबके बरस मुझे धरती की.........

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बहुत बहुत धन्यबाद आपका
https://www.facebook.com/gmdixit
twitter @gangadixit