शिक्षा का स्तर उसी दिन गिर गया जब पढ़े लिखे लोग अनपढ़ लोगो को वोट देना शुरू कर दिए थे।
जय भोलेनाथ।
खैर आइये आज का इतिहास देखते है।
आज ही के दिन म्यूजिक को हर व्यक्ति की पॉकेट तक पहुंचाने वाला, मोबाईल को टच स्क्रीन बनाने वाला और कंप्यूटर जगत को एक नया आयाम देने वाला यह स्टीव जॉब्स नाम का शख्स दुनिया को अलविदा कह गया था ।
जब भी 20वीं सदी के महान आविष्कारकों का नाम लिया जाएगा, वह लिस्ट स्टीव जॉब्स के बिना पूरी नहीं होगी।
पैंक्रियाज के कैंसर से जूझते हुए उन्होंने 5 अक्टूबर 2011 को आखिरी सांस ली, और छोड़ गए आईपॉड, आईफोन और मैक जैसे कंप्यूटरों की आधुनिक दुनिया।
46 साल की जिंंदगी में जाब्स नें कई उतार चढ़ाव देखे, किशोरावस्था में कंप्यूटर बनाने की धुन सवार हुई तो कालेज छोड़, ज्ञान की तलाश में भटकते हुए पेट भरने के लिए खाली कोक की बोतलें जुटाकर पैसे इकट्ठे किए तो बाद में एप्पल जैसी कंपनी बके मालिक भी बने ।
हर चीज में चरम खूबसूरती खोजने वाले स्टीव जॉब्स को जितने लोग पंसद करते थे उतने ही नापसंद भी, पर उनकी प्रतिभा का लोहा सभी ने माना।
स्टेनफोर्ड यूनिवॢसटी के दीक्षांंत समारोह के दौरान कही गई जाब्स की एक बात हमेंशा हर छात्र को प्रेरित करती रहेगी-
"बीते 33 सालों में, मैं हर सुबह शीशा देखता हूं और खुद से पूछता हूं कि 'अगर ये मेरी जिंदगी का आखिरी दिन है तो क्या, मैं जो करना चाहता हूं वो मैं आज ही कर सकता हूं?' जब कभी लगातार बहुत दिनों तक इसका जवाब 'नहीं' होता है तो मुझे पता चल जाता है कि मुझे कुछ बदलना है." |
1995 - आयरलैंड के कवि एवं साहित्यकार हीनी को वर्ष 1995 के साहित्य पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा।
1997 - राजधानी कम्पाला से नील नदी को स्रोत जिन्जा में प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया, भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस तथा महेश भूपति ने जिम कूरियर तथा एलेक्स ओ ब्रायन को पराजित कर चाईना ओपन टेनिस टूर्नामेंट का ख़िताब जीता।
2001 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्फ़ ने सेनाध्यक्ष पद पर अपना कार्यकाल अनिश्चित काल के लिए बढ़ाया।
2004 - पश्चिम एशिया पर अरब देशों के प्रस्ताव का अमेरिका ने विरोध किया।
2005 - खुश मिज़ाजी में भारत चौथे नंबर पर।
2007 - नेपाल सरकार और माओवादियों के बीच समझौता न हो पाने के कारण संविधान सभा के लिए चुनाव रद्द हुआ। परवेज मुशर्रफ़ व बेनजीर भुट्टो के बीच समझौता हुआ।
2008- केन्द्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सेतु सतुद्रम परियोजना के लिए दूसरी जगहों का परीक्षण शुरू किया।
अब आइये एक नजर में देखते है 5 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति के बारे में।
1524 - रानी दुर्गावती - भारतीय इतिहास की प्रसिद्ध वीरागंना रानियों में से एक।
1902 - राम चतुर मल्लिक, ध्रुपद-धमार शैली के गायक।
अब एक नजर में जिनकी आज पुण्यतिथि है।
1981 - भगवतीचरण वर्मा, हिन्दी जगत के प्रमुख साहित्यकार।
1968 - जोगेन्द्र नाथ मंडल - बंगाल के प्रसिद्ध समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ।
1937 - दुर्गा प्रसाद खत्री - हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यास लेखकों में से एक।
अब चलते चलते भगवती जी की एक कविता याद करते है।
तुम अपनी हो, जग अपना है
किसका किस पर अधिकार प्रिये
फिर दुविधा का क्या काम यहाँ
इस पार या कि उस पार प्रिये ।
देखो वियोग की शिशिर रात
आँसू का हिमजल छोड़ चली
ज्योत्स्ना की वह ठण्डी उसाँस
दिन का रक्तांचल छोड़ चली ।
चलना है सबको छोड़ यहाँ
अपने सुख-दुख का भार प्रिये,
करना है कर लो आज उसे
कल पर किसका अधिकार प्रिये ।
है आज शीत से झुलस रहे
ये कोमल अरुण कपोल प्रिये
अभिलाषा की मादकता से
कर लो निज छवि का मोल प्रिये ।
इस लेन-देन की दुनिया में
निज को देकर सुख को ले लो,
तुम एक खिलौना बनो स्वयं
फिर जी भर कर सुख से खेलो ।
पल-भर जीवन, फिर सूनापन
पल-भर तो लो हँस-बोल प्रिये
कर लो निज प्यासे अधरों से
प्यासे अधरों का मोल प्रिये ।
सिहरा तन, सिहरा व्याकुल मन,
सिहरा मानस का गान प्रिये
मेरे अस्थिर जग को दे दो
तुम प्राणों का वरदान प्रिये ।
भर-भरकर सूनी निःश्वासें
देखो, सिहरा-सा आज पवन
है ढूँढ़ रहा अविकल गति से
मधु से पूरित मधुमय मधुवन ।
यौवन की इस मधुशाला में
है प्यासों का ही स्थान प्रिये
फिर किसका भय? उन्मत्त बनो
है प्यास यहाँ वरदान प्रिये ।
देखो प्रकाश की रेखा ने
वह तम में किया प्रवेश प्रिये
तुम एक किरण बन, दे जाओ
नव-आशा का सन्देश प्रिये ।
अनिमेष दृगों से देख रहा
हूँ आज तुम्हारी राह प्रिये
है विकल साधना उमड़ पड़ी
होंठों पर बन कर चाह प्रिये ।
मिटनेवाला है सिसक रहा
उसकी ममता है शेष प्रिये
निज में लय कर उसको दे दो
तुम जीवन का सन्देश प्रिये ।
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