दादरी दादरी रटते रटते नमक हरामी चालू है।
जो कलमकार बनकर बैठे थे आज देश दलाली चालू है।।
क्या ऐसे होते है साहित्यकार जिनको खुद की लाज नहीं।
बन बैठे है कलमकार जिनको अपनों की परवाह नहीं।।
कभी देश में कलमो की ताकत अंग्रेजी हुकूमत भगाई थी।
आज वही कलमकारों ने इस देश की लाज डूबा बैठी।।
कलमो की ताकत को पहचानो अब दूर करो इन बैरी को।।।
ये लेखक नहीं अभागे है मुह मोड़ लो इन सब बैरी से।V
माँ भारती दानव लगती है, पकिस्तान से जिसे प्यार हुआ।
ऐसी निकम्मी बातो का बारम्बार बहस और धार लगा।।
क्या भारत के देशद्रोही को पुरस्कार मिलना जरुरी है।।।
जो काट खाये गौ माता को, उसको जहर देना जरुरी है।V
गांधी, नेहरू, नरसिम्हा ने क्या दिया है इस देश को।
लाखो साल पिछड़ गए हम, क्या मिला है इस देश को।।
में पुछु और पूछता हूँ, आ जाओ बतलाओ मेरी भाव को।
मणि बुलाता सुरसरि कहता समझाओ मुझे मेरे भेष को।V
भूलकर भुलक्कड़ बन बैठे चोरासी को तुम याद करो।
कश्मीर की गलियो में वो मरे पंडितो का ध्यान करो।।
आज दादरी की घटना पर सब के सब ही रोये हैं।।।
जली गोधरा ट्रेन मगर तब चादर ताने सोये हैं।V
मेरे हाथो की कलम को,न रोकेगा कोई आंधी भी।
चाहे किसी को बुरा लगे , चाहे कोई हो फरियादी भी।।
माँ सरस्वती बसती है मन में, ध्यान रहा है जवानो पे।।।
ऐसा भारत है देश मेरा माफ़ किया है इन नमूनों को।V
ये कवी नहीं है, न कथाकार, न लेखक ही बन सकते है।
न ग़ालिब की शायरी और प्रेमचंद, भारतेंदु ही बन सकते है।।
निराला बनना तो दूर रहा, शोभा डे की सोभा बन सकते है।।।
मीरा बाई,कालिदास और व्यास कहा बन सकते है।V
चोरो का साथ और चाहत वाले, कभी कर सकते नहीं सम्मान यहाँ।
इनकी फितरत है मरियम जैसी दल बदली कर सकते है इहा।।
बड़ी बेचैनी मन में है, लाज बचाओ ये माँ भारती तुम।।।
इन लोगो को खुद भगाओ या बन जाओ रणचंडी तुम।V
हम तो तेजो का धार लिए ऐसे ही लिखते रहते है।
बुरा लगे मुलायम को, या अखिलेश भी सुन सकते है।।
चाचा जान तुम चंगेज खान, अब सुधर जाओ तुम्हारी बारी है।।।
रोगी के रूप में फ़क़ीर न बन, अब मणि की कलम ने ठानी है।V
जिसने फूंकी है लंका रावण की, उस देश के वसिंदा कहाते है।
समझे गर न तुम चाटुकारो, तो समझाने हम भी आते है।।
कलमो की ताकत देश हित में,लिखो और गुणगान करो।।।
न लिखो भाषा निक्कमो जैसी विद्या का न नाश करो।V
जय हो बाबा मोदक वाले। आपसे एक अनुरोध है ये कविता जैसी है इसे वैसे ही आगे बढ़ाते रहे। छेड़ छाड़ न करे। जय हो बाबा फरसा वाले🚩
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
बहुत बहुत धन्यबाद आपका
https://www.facebook.com/gmdixit
twitter @gangadixit