शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

15 जनवरी का इतिहास

आज का इतिहास बेहद ही करुणामय और जिज्ञासा पूर्ण है। आइये देखते है। भारत में 'थल सेना दिवस' देश के जांबाज रणबांकुरों की शहादत पर गर्व करने का एक विशेष मौका है। 15 जनवरी, 1949 के बाद से ही भारत की सेना ब्रिटिश सेना से पूरी तरह मुक्त हुई थी, इसीलिए 15 जनवरी को "थल सेना दिवस" घोषित किया गया। यह दिन देश की एकता व अखंडता के प्रति संकल्प लेने का दिन है। यह दिवस भारतीय सेना की आज़ादी का जश्न है। यह वही आज़ादी है, जो वर्ष 1949 में 15 जनवरी को भारतीय सेना को मिली थी। इस दिन के.एम. करिअप्पा को भारतीय सेना का 'कमांडर-इन-चीफ़' बनाया गया था। इस तरह लेफ्टिनेंट करिअप्पा लोकतांत्रिक भारत के पहले सेना प्रमुख बने थे। इसके पहले यह अधिकार ब्रिटिश मूल के फ़्राँसिस बूचर के पास था और वह इस पद पर थे। वर्ष 1948 में सेना में तकरीबन 2 लाख सैनिक ही थे, लेकिन अब 11 लाख, 30 हज़ार भारतीय सैनिक थल सेना में अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं।
अब आइये देखते है कुछ और झलक एक नजर में🚩

1999 - 'एनी फ़्रैंक घोषणा पत्र' पर हस्ताक्षर करने वाले प्रथम विश्व नेता संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव कोफी अन्नान बने, पाकिस्तान में सभी नागरिक प्रशासनिक कार्य सेना को हस्तांतरित।

2006 - ब्रिटिश हाईकोर्ट ने क्वात्रोच्चि के दो बैंक खातों पर से प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया।

2007 - सद्दाम के सौतेले भाई एवं इराकी अदालत के पूर्व प्रमुख फ़ाँसी पर चढ़ाये गये।

2008 - सरकारी क्षेत्र की कंपनी गैस अथोरिटी ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड (गेल) के बोर्ड ने महाराष्ट्र के दाभोल से बंगलुरु तक गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी।

खगोलविदों ने धरती से 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर की आकाश गंगा के जीवन के लिये जरूरी तत्त्व खोजने का दावा किया।

2010 - तीन घंटे से भी अधिक की अवधि वाला शताब्दी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगा। भारत में यह 11 बजकर 06 मिनट पर शुरू होकर 3 बजकर पाँच मिनट पर खत्म हुआ। दोपहर 1.15 पर सूर्य ग्रहण अपने चरम पर था. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण था। इसके कारण ऊपरी वातावरण पर तथा पृथ्वी के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने छह रॉकेटों का प्रक्षेपण किया।

आज 15 जनवरी को जिन महानुभाओं का जन्म हुआ आइये देखते है ।

1856 - अश्विनी कुमार दत्त - भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और देश भक्त

1921- बाबा साहेब भोंसले - राजनीतिज्ञ (मृत्यु 1907)

1956- मायावती - राजनीतिज्ञ
1957- भानुप्रिया अभिनेत्री
1982- नील नितिन मुकेश अभिनेता

आज के दिन जिन महापुरुषो ने अपना देहवासन किया आइओए एक नजर वहाँ पे भी डाल लेते है।

1998 - गुलज़ारीलाल नन्दा - भारत के भूतपूर्व कार्यकारी प्रधानमंत्री

2009 - दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता व प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता तपन सिन्हा का निधन। फ़िल्म स्लमडॉग मिलेनियर को बाफ्टा पुरस्कार की श्रेणियों में स्थान मिला।

2012 - होमाई व्यारावाला - भारत की प्रथम महिला फ़ोटो पत्रकार।
अब प्रेम से बोलिये जय बाबा भोलेनाथ और नमन करते है हम भारतीय पैदल सेना को।

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