शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

25 दिसंबर का इतिहास

आज का इतिहास वाकई इतिहास के पन्नों में अजर अमर के रूप में स्थित है, इसे न तो कोई व्यक्ति और न ही कोई लेखक झुठला सकता है- एक तरफ जहा महामना मदन जी और दूसरे तरफ भारतीय राजनीती में भूचाल लाने वाले और भारतीय जनता पार्टी को पूरे भारत वर्ष में फ़ैलाने वाले पितामह माननीय अटल जी का जन्मदिन है वही दूसरी तरफ देश को बिभाजन करने वाले जिन्ना भी आज ही के दिन इस धरती पे आये।
आज का इतिहास जाने से पहले सुरसरि मणि के प्रेरणा स्रोत अटल जी की एक कविता आप लोगो के सामने-

दुनिया का इतिहास पूछता,
रोम कहाँ, यूनान कहाँ?
घर-घर में शुभ अग्नि जलाता।
वह उन्नत ईरान कहाँ है?
दीप बुझे पश्चिमी गगन के,
व्याप्त हुआ बर्बर अंधियारा,
किन्तु चीर कर तम की छाती,
चमका हिन्दुस्तान हमारा।
शत-शत आघातों को सहकर,
जीवित हिन्दुस्तान हमारा।
जग के मस्तक पर रोली सा,
शोभित हिन्दुस्तान हमारा।

अब एक नजर आज के इतिहास पे-=

1763....भरतपुर के महाराजा सूरजमल की हत्या।

1771....मुगल शासक शाह आलम द्वितीय मराठाओं के संरक्षण के तहत दिल्ली के सिंहासन पर बैठे।

1892....स्वामी विवेकानंद कन्याकुमारी में समुद्र के मध्य स्थित चट्टान पर तीन दिन तक ठहरे।

1924....पहला अखिल भारतीय कम्युनिस्ट कांफ्रेस कानपुर में संपन्न।

1946....ताईवान में संविधान को स्वीकार किया गया।

1947....चीन में संविधान प्रभाव में आया।

1962....सोवियत संघ ने नोवाया जेमल्या क्षेत्र में परमाणु परीक्षण किया।

1972....भारत के अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजागोपालाचारी का तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में निधन।

1974....राेम जा रहे एयर इंडिया के विमान बोइंग 747 का अपहरण।

आज जिन महानुभाओं का जन्मदिन है आइये देखए है एक झलक में-

1861 - मदनमोहन मालवीय - महान स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद और एक बड़े समाज सुधारक भी थे।

1872 - गंगानाथ झा - संस्कृत भाषा के प्रकाण्ड पंडित, जिन्होंने हिन्दी, अंग्रेज़ी और मैथिली भाषा में दार्शनिक विषयों पर उच्च कोटि के मौलिक ग्रन्थों की रचना की।

1876 - मुहम्मद अली जिन्ना - ब्रिटिशकालीन भारत के प्रमुख नेता और 'मुस्लिम लीग' के अध्यक्ष।

1923 - धर्मवीर भारती, हिन्दी साहित्यकार का जन्म प्रयाग में।

1924 - अटल बिहारी वाजपेयी - भारत के दसवें प्रधानमंत्री।

1927 - राम नारायण

1978 - मनोज कुमार चौधरी, सेप कोन्सुल्तंत इंजिनियर का जन्म प्रयाग (इलाहाबाद) में हुआ।

1919 - नौशाद, प्रसिद्ध संगीतकार

1944 - मणि कौल, फ़िल्म निर्देशक

1925 - सतीश गुजराल, प्रसिद्ध चित्रकार।

1880 - मुख़्तार अहमद अंसारी - एक प्रसिद्ध चिकित्सक, प्रसिद्ध राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लिया।

आज जिन महानुभाओं का पुण्यतिथि है आइये उनको नमन कार्य है।

1994 - ज्ञानी ज़ैल सिंह - भारत के भू.पू. राष्ट्रपति।

2011 -सत्यदेव दुबे- नाटककार, पटकथा लेखक, फ़िल्म व नाट्य निर्देशक।

1846 - स्वाति तिरुनल - त्रावणकोर, केरल के महाराजा तथा दक्षिण भारतीय कर्नाटक संगीत परंपरा के सर्वोत्कृष्ट संगीतज्ञों में से एक।

2015- आज ही के दिन अभिनेत्री साधना की मिर्तु हो गई। जिनका एक चलचित्र में गाना था अभी न जाओ छोड़ के की दिल अभी भरा नहीं

और चलते चलते धर्मवीर भारती की एक कविता और साथ ही साथ प्रेम से बोलते है🚩 जय बाबा भोले नाथ🚩

झुरमुट में दुपहरिया कुम्हलाई
खोतों पर अँधियारी छाई
पश्चिम की सुनहरी धुंधराई
टीलों पर, तालों पर
इक्के दुक्के अपने घर जाने वालों पर
धीरे-धीरे उतरी शाम !

आँचल से छू तुलसी की थाली
दीदी ने घर की ढिबरी बाली
जमुहाई ले लेकर उजियाली
जा बैठी ताखों में
धीरे-धीरे उतरी शाम !

इस अधकच्चे से
घर के आंगन
में जाने क्यों इतना आश्वासन
पाता है यह मेरा टूटा मन
लगता है इन पिछले वर्षों में
सच्चे झूठे संघर्षों में
इस घर की छाया थी छूट गई अनजाने
जो अब छुककर मेरे सिराहने
कहती है
" भटको बेबात कहीं
लौटोगे अपनी हर यात्रा के बाद यहीं !"
धीरे धीरे उतरी शाम !

जय हो बाबा "मोदक वाले"

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